Friday, 4 August 2017

रक्षा बंधन विशेष : जाने शुभ मुहुर्त


संदीप कुमार मिश्र: नाजुक बंधन में बंधी होती है मजबूत रिश्ते की डोर।हमारा देश भारत अपने आंचल में ढेरों सभ्यता संस्कृति समेटे हुए है।यहां हर रिश्ता ईश्वर का दिया हुआ एक अनमोल उपहार है। जिसे बनाए रखना हमारा फर्ज भी है और हम नैतिक जिम्मेदारी भी मानते हैं।इन्हीं रिश्तों में से एक है भाई बहन का रिश्ता। जिसे हमारे देश में रक्षा बंधन के नाम से जनाना जाता है और बड़ी ही पवित्रता के साथ मनाया जा है।
येन बद्धो बलिः राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामभिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥
इसी मंत्र का उच्चारण करते हुए बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी यानी रक्षा-सूत्र बांधती हैं, और उनके लिए ये प्रार्थना करती हैं कि वो राजा बलि की तरह प्रतापी, ताकतवर और दानवीर बनें।अपने भाइयों से बहनें ये वचन भी लेती हैं कि वो सदा अपने बहनों की रक्षा करेंगे।
रक्षाबंधन का पावन त्योहार पूरे देश में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। हिन्दी कैलेंडर के अनुसार श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को ये पर्व मनाते हैं।

पुजा मुहूर्त व राखी बांधने का समय
इस बार राखी बांधने का समय भद्रा होने की वजह से बहुत कम है,इसलिए बहने राखी बांधने के समय का विशेष ध्यान रखें...
विशेष योग में भाई को राखी बांधना है शुभ
सूतक समय
चंद्र ग्रहण का सूतक समय-1.42 से 11.7 बजे तक
राखी बांधने का समय
राखी बांधने का समय-11.7 बजे से 1.30 (दोपहर)मिनट तक

जाने राखी बांधने का दिव्य उपाय
अब आपको बताते है एक ऐसा खास उपाय जिससे प्रेम और स्नेह का बंधन रक्षा बंधन का त्योहार आपके रिश्तों को और मजबूती प्रदान करेगा-
1 कच्चा सूत लें और केसर में गंगाजल मिलाकर उसे रंगे।सूखने पर दायें हाथ से श्री विष्णु भगवान को ऊं नमो नारायणाय मंत्र का जाप करते हुए बांध दें।पीले बेसन के लड़डू का भोग अर्पण करें।यदि आप अपने भाई से दूर हैं तो ये उपाय अवश्य करें।श्री हरि का परम आशीर्वाद प्राप्त होगा,जिससे भाई-बहन में स्नेह और भी प्रगाढ़ हो जाएगा।

रेशम के पवित्र डोर में बंधा संसार। वैसे सम्बन्धों को बताने और जताने की ज़रूरत नहीं होती।लेकिन आधुनिकता की ओर बढ़ते समय में कहीं रिश्तों की डोर कमज़ोर ना हो जाए।इसलिए ज़रूरी है कि रक्षा- बन्धन के इस बेमिसाल बन्धन को हम जाने- पहचाने और मानें।