Friday, 19 January 2018

'ॐ नम: शिवाय' महामंत्र की महामहिमा



संदीप कुमार मिश्र: महादेव की महिमा का बखान वेद पुराण गाते हैं..सदाशिव महादेव भक्तों के प्रिय तो हैं ही,समस्त देवी-देवताओं के भी प्रिय हैं।सरल और सुलभ देव हैं महादेव।भोले की भक्ति से मनुष्य की संपूर्ण मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।आदिदेव महादेव शिव जी का षडाक्षर मंत्र है...''ॐ नम: शिवाय''...जो प्रणव मंत्र '' के साथ 'नम: शिवाय' (पंचाक्षर मंत्र) के साथ बना है और जप करने पर यह षडाक्षर बन जाता है।

जैसा कि हमारे ऋषी-मनिषीयों के अनुसार पुराणों में षड़ाक्षर मंत्र की महिमा का बखान किया गया है। शिव महापुराण में तो कहा गया है कि इस मंत्र के महात्‍म्य का विस्‍तार से वर्णन तो आनादि अनादि काल तक नहीं किया जा सकता । यकिनन महादेव का यह मंत्र शिवभक्‍तों, साधको के साथ ही जगत के कल्याण के लिए सर्वमनोकामना पूर्ण करने वाला है।

'ॐ नम : शिवाय'
भगवान शिव के षड़ाक्षर मंत्र को वेदों का सारतत्‍व भी कहा गया है।क्योंकि षड़ाक्षर मंत्र मोक्षदायी, शिवस्‍वरूप तथा स्‍वयं शिव की आज्ञा से सिद्ध और संदेहशून्‍य माना गया है।सभी प्रकार की सिद्धियों से युक्‍त और दिव्‍य है षड़ाक्षर मंत्र।

सर्वव्यापी भगवान शिव ने दिया महामंत्र 'ॐ नम : शिवाय'
'ॐ नम: शिवाय' (षडक्षर मंत्र) या 'नम: शिवाय' (पंचाक्षर) मंत्र का प्रतिपादन स्‍वयं सर्वव्यापी भगवान शिव ने संपूर्ण देहधारियों के नाना प्रकार के मनोरथों की सिद्धि के लिए किया है। 'ॐ नम : शिवाय' मंत्र सभी विद्याओं का बीज मंत्र है। जैसे वट (बरगद) के बीज में विशाल वृक्ष मौजूद है, ठीक उसी प्रकार अत्‍यंत सूक्ष्म होने पर भी ये मंत्र सिद्ध और पूर्ण है।

मंत्र है वाचक, शिव हैं वाच्‍य
हमारे धर्म पुराणों में कहा गया है कि शिव 'अप्रमेय' यानी अनुमान से परे है। इसलिए अप्रमेय होने के कारण भगवान शिव वाच्‍य (ध्‍वनि) हैं तो वहीं यह मंत्र 'ॐ नम: शिवाय' उनका 'वाचक' माना गया है। शिव और मंत्र का ये वाच्‍य-वाचक भाव अनादिकाल से निरंतर चला आ रहा है और चलता रहेगा।
शिव पुराण में ऐसा कहा गया है कि यदि सृष्‍टि में भगवान शिव का तत्व ना होता तो यह जगत् यानी संसार अंधकारमय हो जाता, क्‍योंकि प्रकृति जड़ है और जीवात्‍मा अज्ञानी। प्रकृति से लेकर परमाणु तक जो कुछ भी जड़रूप तत्‍व है, वह किसी बुद्धिमान (चेतन) कारण के बिना स्‍वयं 'कर्ता' नहीं है। विद्वान इस मंत्र को शिव का अभिधान (वाचक) और शिव को अभिधेय (वाच्‍य) मानते हैं। इस युग्‍म के कारण ही परमशिव स्‍वरूप यह मंत्र 'सिद्ध' माना गया है। यह शिव का विधि वाक्‍य है। यह उन्‍हीं शिव का स्‍वरूप है जो सर्वज्ञ, परिपूर्ण और स्‍वभाव से निर्मल हैं।

'ॐ नम : शिवाय' के समान दूसरा कोई मंत्र नहीं  
ऐसा शिव महापुराण में कहा गया है कि संपूर्ण सनातन साहित्‍य और दर्शन में मंत्रों की अत्‍यधिक संख्‍या (सात करोड़ मंत्र और अनेकानेक उपमंत्र) होने के बावजूद इस भगवान शिव द्वारा रचित षडक्षर मंत्र के समान कहीं कोई दूसरा मंत्र नहीं है। षडक्षर मंत्र में छह अंगों सहित संपूर्ण वेद और शास्‍त्र विद्यमान हैं। शिवपुराण के अनुसार जितने भी शिवज्ञान हैं और जो-जो विद्यास्‍थान हैं, वे सब षड़ाक्षर मंत्र रूपी सूत्र के संक्षिप्‍त भाष्‍य हैं। यही नहीं जिसके हृदय में 'ॐ नम: शिवाय' यह षड़ाक्षर मंत्र प्रतिष्‍ठित है उसे अन्‍य बहुसंख्‍यक मंत्रों और विस्‍तृत शास्‍त्रों से क्‍या प्रायोजन है।

  कहने का भाव है कि इस संसार में जिस भी साधक या जनसामान्य ने भक्ति भाव और श्रद्दा से 'ॐ नम: शिवाय' मंत्र का जप दृढ़तापूर्वक कर लिया समझ लो उसने सम्‍पूर्ण शास्‍त्र पढ़ लिया है और समस्‍त शुभ अनुष्‍ठानों को पूरा कर लिया है। शिव पुराण के अध्‍याय 12 में यहां तक कहा गया है कि 'ॐ नम: शिवाय' मंत्र के जप में लगा हुआ पुरुष यदि पंडित, मूर्ख, अन्‍त्‍यज अथवा अधम भी हो तो वह पाप कर्मों से मुक्‍त हो जाता है।धन्य हैं भगवान भोलेनाथ और धन्य है उनकी महिमा।जिनके स्मरण मात्र से भी मूर्ख ज्ञानवान बन जाता है,निर्धन मालामाल हो जाता है और 'ॐ नम : शिवाय' के जाप से रोग,शोक,कष्ट और सभी प्रकार की बाधाओं से मनुष्य मुक्त हो जाता है और शिव मय हो जाता है।             


           
।।'ॐ नम : शिवाय'।।
(संकलन)


Tuesday, 9 January 2018

भाव राग ताल का संगम बना सेवा महोत्सव

संदीप कुमार मिश्र- श्री गोपालभट्ट प्राकट्य स्वयंभू श्रीराधारमण लाल जी की असीम अनुकम्पा से से विगत 456 वर्षो से चली आ रही परंपरा सेवा महोत्सवकला, संस्कृति,सद्भाव के संग भाव और भक्ति के माध्यम से बड़े ही सहज भाव के संग परम श्रद्धेय श्री पुण्डरीक गोस्वामी जी ने श्रीराधारमण लाल जू की सेवा करते हुए सेवा महोत्सव को महामहोत्सव में बदल दिया।इस महामहोत्सव में आए हुए देशी विदेशी भक्तों ने भक्तिरस मनें डुबकर खुब आनंद के गोते लगाए।
वृंदावन के सप्त देवालयों में अपनी अलग पहचान बना चुके श्रीराधारमण मंदिर में सेवा और समर्पण की निराली और अद्भूत परंपरा अपनाई जाती है। सेवा महोत्सव में सिर्फ पूजन-अर्चन ही नहीं होता बल्कि गायन, वादन और नृत्य की त्रिवेणी का भी समावेश किया जाता है।
दरअसल श्रीधाम की छटा ही इतनी निराली है की यहां आने वाला यहीं का होकर रह जाता है।कहते हैं कि-
प्रेममयी श्री राधिका,प्रेम सिंधु गोपाल।
प्रेमभूमि वृंदाविपिन,प्रेम रुप ब्रज बाल।
कहने का भाव है कि वृन्दावन में सर्वत्र श्रीराधिका का ही पूर्ण राज्य है।  वह वृन्दावनेश्वरी कहलाती हैं। भुक्ति-मुक्ति की यहां तनिक भी नहीं चलती। धर्म-कर्म भी यहां जेवरी बंटतेअस्तित्वहीन नजर आते हैं। यहां के मनुष्य ही नहीं; वृक्षों के डाल-डाल और पात-पात पर भी सदा राधे-राधेका शब्द गुंजायमान रहता है।

श्रीराधारमण मंदिर की भव्यता सेवा महोत्सव के दौरान देखते ही बनती है।आपको बतातें चलें कि सात दिनों तक चलने वाले इस सेवा महोत्सव में प्रतिदिन श्रीराधारमण जी का भिन्न भिन्न प्रकार से श्रृंगार किया जाता है,अलग असल प्रकार के मिष्ठान का भोग और साथ छप्पन भोग भी लगाया है जो अद्वितिय है।
ठाकुर जी की बालस्वरूप में सेवा होने के कारण यहां की सभी सेवाओं में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है कि हर सेवा ठाकुर जी के मन के भावों के अनुसार ही हो। यही कारण है कि राग, संगीत और भोग सेवा श्रीराधारमण मंदिर का कोई सानी नहीं है।

श्रीराधारमण मंदिर में प्रतिदिन प्रातः से सायंकाल तक हर दर्शन में गायन के माध्यम से वातावरण में जहां भक्ति रस का स्पन्दन दिखाई पड़ता है वहीं मंदिर के कीर्तनिया तरूण दास एवं कृष्णगोपाल शर्मा द्वारा गायन एवं पखावज वादन कर समयानुकूल पद-पदावली का गायन शास्त्रीय शैली में किया जाता है।

श्रीराधारमण जू की मनमोहक छवि यहां आने हर भक्त अपनी आंखों में बसा लेना चाहता है।हर साधक के मन में यही भाव होता है कि ठाकुर जी की कृपा उन पर सदैव बनी रहे और ऐसे भी श्रीराधारमणऩ लाल जू इतने दयालू हैं कि वो अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करते और अपने भक्तों की झोली खुशियों और धन धान्य संपन्नता से भर देते हैं।

यहां पर ये बताना भी आपको बेहद नितांत आवश्यक है कि इस बार सेवा महोत्सव में सेवा का विशेष अवसर देश विदेश में ज्ञान, भक्ति,धर्म संकिर्तन,सनातन संस्कृति के संवाहक के रुप में पहुंचाने वाले श्रीराधारमण लाल जू के अनन्य भक्त, जन के मन को प्रिय श्रद्धेय पुण्डरीक गोस्वामी जी महाराज के द्वारा किया गया था।जो कि बाल्यावस्था से ही अपना मनमीत ठाकुर जी को बना लिया.जिस उम्र में कोई बालक अपने मित्रों संह हंसी ठिठोली करता है उस उम्र में श्री पुण्डरीक गोस्वामी जी विश्व पटल पर श्रीमद्भागवत के माध्यम में भक्ति और वैराग्य का पाठ पढ़ाने लगे थे।शब्दों पर जितनी पकड़ आप श्री की हिन्दी में है,उतनी ही संस्कृत में है और संसार के सामने मजबूती से वेद,पुराण का प्रतिनिधित्व करने के लिए अंग्रेजी में भी आपकी उतनी ही मजबूत पकड़ है।जिसका परिणाम है कि जितने प्रेमी चाहने वाले उनते भारतीय हैं उतने ही विदेशी भी हैं।







प्रेम से बोलिए श्रीराधारमण लाल जू की जय


अगले लेख में और विस्तृत चर्चा क्रमश जारी रहेगी...जैसी श्रीराधारमण लाल जू की कृपा रहेगी दास पर...!

                              (सभी फोटो महाराज श्री पुण्डरीक गोस्वामी जी के एफबी पेज से साभार)

Tuesday, 2 January 2018

जानिए वर्ष 2018 के व्रत, पर्व और त्योहार


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*🕉 वर्ष  2018 के व्रत , पर्व व त्यौहार*🕉
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*🌹जनवरी 2018 त्यौहार, व्रत और तिथि*🌹
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*👉🏽2 जनवरी 2018 – मंगलवार, पौष पूर्णिमा व्रत*
*👉🏽5 जनवरी 2018 – शुक्रवार, संकष्टी चतुर्थी*
*👉🏽12 जनवरी 2018 – शुक्रवार, षटतिला एकादशी*
*👉🏽14 जनवरी 2018 – रविवार, मकर संक्रांति , पोंगल , उत्तरायण , प्रदोष व्रत (कृष्ण)*
*👉🏽15 जनवरी 2018 – सोमवार, मासिक शिवरात्रि*
*16 जनवरी 2018 – मंगलवार, पौष अमावस्या*
*👉🏽22 जनवरी 2018 – सोमवार, सरस्वती पूजा , बसंत पंचमी*
*👉🏽28 जनवरी 2018 – रविवार, जया एकादशी*
*👉🏽29 जनवरी 2018 – सोमवार, प्रदोष व्रत (शुक्ल)*
*👉🏽31 जनवरी 2018 – बुधवार, माघ पूर्णिमा व्रत*
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*🌹फरवरी 2018 त्यौहार, व्रत और तिथि*🌹
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*👉🏽3 फरवरी 2018 – शनिवार, संकष्टी चतुर्थी*
*👉🏽11 फरवरी 2018 – रविवार, विजया एकादशी*
*👉🏽13 फरवरी 2018 – मंगलवार, कुम्भ संक्रांति , मासिक शिवरात्रि , महाशिवरात्रि , प्रदोष व्रत (कृष्ण)*
*👉🏽15 फरवरी 2018 – गुरुवार, माघ अमावस्या*
*👉🏽26 फरवरी 2018 – सोमवार, आमलकी एकादशी*
*👉🏽27 फरवरी 2018 – मंगलवार, प्रदोष व्रत (शुक्ल)*
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*🌹मार्च 2018 त्यौहार, व्रत और तिथि*🌹
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*👉🏽1 मार्च 2018 – गुरुवार, होलिका दहन , फाल्गुन पूर्णिमा व्रत*
*👉🏽2 मार्च 2018 – शुक्रवार, होली*
*👉🏽5 मार्च 2018 – सोमवार, संकष्टी चतुर्थी*
*👉🏽13 मार्च 2018 – मंगलवार, पापमोचिनी एकादशी*
*👉🏽14 मार्च 2018 – बुधवार, मीन संक्रांति , प्रदोष व्रत (कृष्ण)*
*👉🏽15 मार्च 2018 – गुरुवार, मासिक शिवरात्रि*
*👉🏽17 मार्च 2018 – शनिवार, फाल्गुन अमावस्या*
*👉🏽18 मार्च 2018 – रविवार, चैत्र नवरात्रि , उगाडी , गुड़ी पड़वा , घटस्थापना*
*👉🏽19 मार्च 2018 – सोमवार, चेटी चंड*
*👉🏽25 मार्च 2018 – रविवार, राम नवमी*
*👉🏽26 मार्च 2018 – सोमवार, चैत्र नवरात्रि पारणा*
*👉🏽27 मार्च 2018 – मंगलवार, कामदा एकादशी*
*👉🏽29 मार्च 2018 – गुरुवार, प्रदोष व्रत (शुक्ल)*
*👉🏽31 मार्च 2018 – शनिवार, हनुमान जयंती , चैत्र पूर्णिमा व्रत*
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*🌹अप्रैल 2018 त्यौहार, व्रत और तिथि*🌹
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*👉🏽3 अप्रैल 2018 – मंगलवार, संकष्टी चतुर्थी*
*👉🏽12 अप्रैल 2018 – गुरुवार, बरूथिनी एकादशी*
*👉🏽13 अप्रैल 2018 – शुक्रवार, प्रदोष व्रत (कृष्ण)*
*👉🏽14 अप्रैल 2018 – शनिवार, मासिक शिवरात्रि , मेष संक्रांति*
*👉🏽16 अप्रैल 2018 – सोमवार, चैत्र अमावस्या*
*👉🏽18 अप्रैल 2018 – बुधवार, अक्षय तृतीया*
*👉🏽26 अप्रैल 2018 – गुरुवार, मोहिनी एकादशी*
*👉🏽27 अप्रैल 2018 – शुक्रवार, प्रदोष व्रत (शुक्ल)*
*👉🏽30 अप्रैल 2018 – सोमवार, वैशाख पूर्णिमा व्रत*
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*🌹मई 2018 त्यौहार, व्रत और तिथि*🌹
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*👉🏽3 मई 2018 – गुरुवार, संकष्टी चतुर्थी*
*👉🏽11 मई 2018 – शुक्रवार, अपरा एकादशी*
*👉🏽13 मई 2018 – रविवार, मासिक शिवरात्रि , प्रदोष व्रत (कृष्ण)*
*👉🏽15 मई 2018 – मंगलवार, वृष संक्रांति , वैशाख अमावस्या*
*👉🏽25 मई 2018 – शुक्रवार, पद्मिनी एकादशी*
*👉🏽26 मई 2018 – शनिवार, प्रदोष व्रत (शुक्ल)*
*👉🏽29 मई 2018 – मंगलवार, पूर्णिमा व्रत*
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*🌹जून 2018 त्यौहार, व्रत और तिथि*🌹
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*👉🏽2 जून 2018 – शनिवार, संकष्टी चतुर्थी*
*👉🏽10 जून 2018 – रविवार, परम एकादशी*
*👉🏽11 जून 2018 – सोमवार, प्रदोष व्रत (कृष्ण)*
*👉🏽12 जून 2018 – मंगलवार, मासिक शिवरात्रि*
*👉🏽13 जून 2018 – बुधवार, अमावस्या*
*👉🏽15 जून 2018 – शुक्रवार, मिथुन संक्रांति*
*👉🏽23 जून 2018 – शनिवार, निर्जला एकादशी*
*👉🏽25 जून 2018 – सोमवार, प्रदोष व्रत (शुक्ल)*
*👉🏽28 जून 2018 – गुरुवार, ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत*
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*🌹जुलाई 2018 त्यौहार, व्रत और तिथि*🌹
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*👉🏽1 जुलाई 2018 – रविवार, संकष्टी चतुर्थी*
*👉🏽9 जुलाई 2018 – सोमवार, योगिनी एकादशी*
*👉🏽10 जुलाई 2018 – मंगलवार, प्रदोष व्रत (कृष्ण)*
*👉🏽11 जुलाई 2018 – बुधवार, मासिक शिवरात्रि*
*👉🏽13 जुलाई 2018 – शुक्रवार, ज्येष्ठ अमावस्या*
*👉🏽14 जुलाई 2018 – शनिवार, जगन्नाथ रथ यात्रा*
*👉🏽16 जुलाई 2018 – सोमवार, कर्क संक्रांति*
*👉🏽23 जुलाई 2018 – सोमवार, अषाढ़ी एकादशी , देवशयनी एकादशी*
*👉🏽24 जुलाई 2018 – मंगलवार, प्रदोष व्रत (शुक्ल)*
*👉🏽27 जुलाई 2018 – शुक्रवार, आषाढ़ पूर्णिमा व्रत , गुरु-पूर्णिमा*
*👉🏽31 जुलाई 2018 – मंगलवार, संकष्टी चतुर्थी*
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*🌹अगस्त 2018 त्यौहार, व्रत और तिथि*🌹
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*👉🏽7 अगस्त 2018 – मंगलवार, कामिका एकादशी*
*👉🏽9 अगस्त 2018 – गुरुवार, मासिक शिवरात्रि , प्रदोष व्रत (कृष्ण)*
*👉🏽11 अगस्त 2018 – शनिवार, आषाढ़ अमावस्या*
*👉🏽13 अगस्त 2018 – सोमवार, हरियाली तीज*
*👉🏽15 अगस्त 2018 – बुधवार, नाग पंचमी*
*👉🏽17 अगस्त 2018 – शुक्रवार, सिंह संक्रांति*
*👉🏽21 अगस्त 2018 – मंगलवार, श्रावण पुत्रदा एकादशी*
*👉🏽23 अगस्त 2018 – गुरुवार, प्रदोष व्रत (शुक्ल)*
*👉🏽25 अगस्त 2018 – शनिवार, ओणम/थिरुवोणम*
*👉🏽26 अगस्त 2018 – रविवार, श्रावण पूर्णिमा व्रत , रक्षा बंधन*
*👉🏽29 अगस्त 2018 – बुधवार, कजरी तीज*
*👉🏽30 अगस्त 2018 – गुरुवार, संकष्टी चतुर्थी*
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*🌹सितंबर 2018 त्यौहार, व्रत और तिथि*🌹
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*👉🏽2 सितंबर 2018 – रविवार, जन्माष्टमी*
*👉🏽6 सितंबर 2018 – गुरुवार, अजा एकादशी*
*👉🏽7 सितंबर 2018 – शुक्रवार, प्रदोष व्रत (कृष्ण)*
*👉🏽8 सितंबर 2018 – शनिवार, मासिक शिवरात्रि*
*👉🏽9 सितंबर 2018 – रविवार, श्रावण अमावस्या*
*👉🏽12 सितंबर 2018 – बुधवार, हरतालिका तीज*
*👉🏽13 सितंबर 2018 – गुरुवार, गणेश चतुर्थी*
*👉🏽17 सितंबर 2018 – सोमवार, कन्या संक्रांति*
*👉🏽20 सितंबर 2018 – गुरुवार, परिवर्तिनीएकादशी*
*👉🏽22 सितंबर 2018 – शनिवार, प्रदोष व्रत (शुक्ल)*
*👉🏽23 सितंबर 2018 – रविवार, अनंत चतुर्दशी*
*👉🏽25 सितंबर 2018 – मंगलवार, भाद्रपद पूर्णिमा व्रत*
*👉🏽28 सितंबर 2018 – शुक्रवार, संकष्टी चतुर्थी*
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*🌹अक्टूबर 2018 त्यौहार, व्रत और तिथि*🌹
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*👉🏽5 अक्टूबर 2018 – शुक्रवार, इन्दिरा एकादशी*
*👉🏽6 अक्टूबर 2018 – शनिवार, प्रदोष व्रत (कृष्ण)*
*👉🏽7 अक्टूबर 2018 – रविवार, मासिक शिवरात्रि*
*👉🏽9 अक्टूबर 2018 – मंगलवार, भाद्रपद अमावस्या*
*👉🏽10 अक्टूबर 2018 – बुधवार, शरद नवरात्रि , घटस्थापना*
*👉🏽15 अक्टूबर 2018 – सोमवार, दुर्गा पूजा की तिथियाँ , कल्परम्भ*
*👉🏽16 अक्टूबर 2018 – मंगलवार, नवपत्रिका पूजा*
*👉🏽17 अक्टूबर 2018 – बुधवार, दुर्गा महा अष्टमी पूजा , तुला संक्रांति , दुर्गा महा नवमी पूजा*
*👉🏽18 अक्टूबर 2018 – गुरुवार, शरद नवरात्रि पारणा*
*👉🏽19 अक्टूबर 2018 – शुक्रवार, दशहरा , दुर्गा विसर्जन*
*👉🏽20 अक्टूबर 2018 – शनिवार, पापांकुशा एकादशी*
*👉🏽22 अक्टूबर 2018 – सोमवार, प्रदोष व्रत (शुक्ल)*
*👉🏽24 अक्टूबर 2018 – बुधवार, अश्विन पूर्णिमा व्रत*
*👉🏽27 अक्टूबर 2018 – शनिवार, करवा चौथ , संकष्टी चतुर्थी*
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*🌹नवंबर 2018 त्यौहार, व्रत और तिथि*🌹
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*👉🏽3 नवंबर 2018 – शनिवार, रमा एकादशी*
*👉🏽5 नवंबर 2018 – सोमवार, मासिक शिवरात्रि , धनतेरस , दिवाली पूजा की तिथियाँ , प्रदोष व्रत (कृष्ण)*
*👉🏽6 नवंबर 2018 – मंगलवार, नरक चतुर्दशी*
*👉🏽7 नवंबर 2018 – बुधवार, दिवाली , अश्विन अमावस्या*
*👉🏽8 नवंबर 2018 – गुरुवार, गोवर्धन पूजा*
*👉🏽9 नवंबर 2018 – शुक्रवार, भाई दूज*
*👉🏽16 नवंबर 2018 – शुक्रवार, वृश्चिक संक्रांति*
*👉🏽19 नवंबर 2018 – सोमवार, देवुत्थान एकादशी*
*👉🏽20 नवंबर 2018 – मंगलवार, प्रदोष व्रत (शुक्ल)*
*👉🏽23 नवंबर 2018 – शुक्रवार, कार्तिक पूर्णिमा व्रत*
*👉🏽26 नवंबर 2018 – सोमवार, संकष्टी चतुर्थी*
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*🌹दिसंबर 2018 त्यौहार, व्रत और तिथि*🌹
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*👉🏽3 दिसंबर 2018 – सोमवार, उत्पन्ना एकादशी*
*👉🏽4 दिसंबर 2018 – मंगलवार, प्रदोष व्रत (कृष्ण)*
*👉🏽5 दिसंबर 2018 – बुधवार, मासिक शिवरात्रि*
*👉🏽7 दिसंबर 2018 – शुक्रवार, कार्तिक अमावस्या*
*👉🏽16 दिसंबर 2018 – रविवार, धनु संक्रांति*
*👉🏽19 दिसंबर 2018 – बुधवार, मोक्षदा एकादशी*
*👉🏽20 दिसंबर 2018 – गुरुवार, प्रदोष व्रत (शुक्ल)*
*👉🏽22 दिसंबर 2018 – शनिवार, मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत*
*👉🏽25 दिसंबर 2018 – मंगलवार, संकष्टी चतुर्थी*
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Friday, 29 December 2017

जाने क्यों है:भगवान श्री हरि के चरणों में माता लक्ष्मी का निवास


संदीप कुमार मिश्र: जगत के पालनहाल भगवान श्री हरि विष्णु।जिनकी महिमा अनंत है,अपरंपार है,और भगवान श्री हरि के चरणों में निवास करती हैं माता लक्ष्मी।जिनकी कृपा से हम सांसारिक मोहमाया प्राप्त कर पाते हैं।जिनके पास रहने पर हम धनवान बन जाते हैं और अगल हमारे पास लक्ष्मी नहीं है तो हम रंक बन जाते हैं।हमारे जीवन में धन की बड़ी महत्ता है,क्योंकि धन के बगैर कुछ भी संभव नहीं है,सुख और ऐश्वर्य की प्राप्ति धन से ही संभव है जिसके लिए जरुरी है हम पर माता लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहे।हमारे कर्म इतने नेक हो कि धन प्राप्ति के मार्ग सदैव बने रहे।क्योंकि कर्म प्रधान लोगों के पास ही धन सम्पदा रहती है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि माता लक्ष्मी हमेशा ही भगवान श्रीहरि विष्णु के चरणों में ही क्यों रहती है,श्रीहरि की सेवा में ही क्यों लगी रहती है?

दरअसल हमारे धर्म शास्त्रों में जहां कहीं भी वर्णन है वहां भगवान विष्णु के चरण दबाते हुए माता लक्ष्मी की चर्चा की गई है।जिसका मूल में है कि भगवान श्री हरि ने माता लक्ष्मी को अपने पुरुषार्थ के बल पर ही वश में कर रखा है।इसलिए इस बात को जान लीजिए कि माता लक्ष्मी उन्हीं के वश में रहती है जो हमेशा कर्म पर विश्वास रखते हैं और सर्वे भवंतु सुखिना का भाव मन में रखते हैं।यही वजह कि इस चरपाचर जगत में आवश्यकता के अनुसार श्रगवान ने अनेकों अवतार लिए और संसार का कल्याण किया।भगवान विष्णु मोह-माया से परे है। वे तो स्वयं दूसरों को मोह में डालने वाले हैं।

जिसका प्रमाण समुद्र मंथन के समय सहज ही देखने को मिल जाता है।हम सब जानते हैं कि भगवान विष्णु ने देवताओं को अमृत पान कराने के लिए असुरों को मोहिनी रूप धारण करके अपने सौंदर्य जाल में फंसाकर मोह में डाल दिया।उसी समय माता लक्ष्मी मंथन से प्रकट हुई।जिन्हें प्राप्त करने के लिए देवता और असुरों में घनधोर,घमासान युद्ध हुआ।लेकिन माता लक्ष्मी ने जगत के पालनहार भगवान विष्णु का वरण किया।

ऐसे तो लक्ष्मी का स्वभाव विशुद्ध रुप से चंचल है, उन्हें एक जगह पर रोक पाना असंभव है।लेकिन फिर भी वे भगवान विष्णु के चरणों में ही रहती है।यहीं पर मनुष्य के धैर्य की परीक्षा होती है क्योंकि जो भी जन सामान्य लक्ष्मी या माया की चंचलता और मोह में फंस जाता है,लक्ष्मी उससे उतनी ही दूर हो जाती है ।कहने का भाव है कि भाग्य के भरोसे बैठ जाने से लक्ष्मी का दूर होना स्वाभाविक है,इसलिए कर्म करते रहने में तनिक भी संकोच नहीं करना चाहिए।भाग्य एक बार लक्ष्मी की प्रप्ति करवा सकता है लेकिन उसे बनाए रखने के लिए कर्म करना ही पड़ेगा।

अंतत:भगवान श्रीहरि के चरणों माता लक्ष्मी इसीलिए निवास करती है क्योंकि भगवान विष्णु लक्ष्मी का सही सदुपयोग जानते हैं उन्हें वश में रखना जानते हैं।इसलिए मित्रों सरलता और सजगता से नेकी की राह पर चलते हुए कर्म करते जाइए माया (लक्ष्मी)कभी आपसे दूर नहीं होगी।

महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं सुरेश्वरि।हरि प्रिये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं दया निधे ।।
पद्मालये नमस्तुभ्यं नमस्तुभ्यं च सर्वदे।सर्व भूत हितार्थाय, वसु सृष्टिं सदा कुरुं ।।

माता महालक्ष्मी धन और वैभव की अधिष्टात्री देवी हैं. ऊपर दिए गए मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करने से मनुष्य मात्र की सभी अभिलाषाएं पूरी हो जाती हैं।

मोदी सरकार का बेईमान अमीरों पर करारा हमला, खुद को दिवालिया घोषित करना हु...

मोदी सरकार का देश के घोटाले घपलेबाजों पर करारा प्रहार।वित्त मंत्री अरुण जेटली का कांग्रेस शासन पर पोलखोल।जरुरी है विकास के लिए पारदर्शिता और यकिनन मोदी सरकार सही दिशा में आगे बढ़ रही है।

Thursday, 28 December 2017

कुलभूषण जाधव मामले पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का राज्यसभा में बयान

बेशर्म पाकिस्तान को भारतीय संसद से शानदार और करारा जवाब दिया गया।जिस बेशर्म पाकिस्तान नें एक मां को बेटे से...एक पत्नी को उसके पती से जी भर कर मिलने नहीं दिया,ऐसे नापाक देश का कैसा इमान और कैसा धर्म।माननिय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जी ने पाकिस्तान की पूरी सच्चाई संसद में बयां कर दी,
लेकिन अब समय आ गया है कि सिर्फ कड़ी निंदा से काम नहीं चलेगा...अब तो भारत मांग रहा है कुलभूषण जाधव और वो भी ससम्मान...जय हिन्द।।।

Wednesday, 27 December 2017

जानिए 2018 में क्या कहती है आपकी राशि:बता रहे हैं प्रसिद्ध ज्योतिर्विद् आचार्य सचिन जी


संदीप कुमार मिश्र: साल 2018 में हर कोई उम्मीद करेगा कि ईश्वर उसकी आशाओं,आकांक्षाओं के अनुरुप सफलता दें,घर में सुख शान्ति रहे।इस लिहाज से आपके मन में ये ख्याल अवश्य आ रहा होगा कि नव वर्ष आपके लिए कैसा होगा,कौन सा कार्य आप करें,जिसमें आपको सफलता मिले,उन्नति और तरक्की मिले।तो चलिए आपको बताते हैं साल 2018 का राशिफल-


मेष राशि,संबोधन

मेष राशि: मेष राशि वालों के लिये यह वर्ष महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस साल आपकी सकारात्मक सूझ-बूझ (सोच) आपके जीवन में सकारात्मक परिणाम लायेगी। चतुर्थ भाव में राहु के कारण घर से दूर भी जाना पड़ सकता है। कार्य स्थल पर 2018 में कुछ वृद्धि की संभावना है। इस वर्ष पती पत्नि आपसी संबंधों मे कुछ कटुता न आने दें। प्रेम के मामलो में मिश्रित परिणाम सामने आयेंगे सप्तम भाव का गुरू भी आपसी सामझस्य बनाने में काफी मददगार साबित होगा। आपके शिक्षक आपकी मेहनत को सराहेंगे। अपना ध्यान लक्ष्य पर ही रखें। बच्चों की सेहत मे उतार-चढाव बना रहेगा। माता पिता का भरपूर सहयोग मिलेगा। ह्रदय संबधी/ डायबीटिज संबंधी लोगो को सावधान रहना होगा। योग/ध्यान का सहारा लें।

उपाय: प्रातःकाल उगते हुए सूर्य को तांबे को पात्र से अर्ध्य दें मंगलवार/शनिवार को बंदरो को गुड़ चना खिलायें, घर में मांगलिक कार्यक्रम अवश्य करायें।

शुभ रंग: नारंगी,भाग्य प्रतिशत: 70

वृष राशि,संबोधन

 वृष राशि: वृष राशि वालों का यह वर्ष 2018 मिश्रित परिणाम लेकर आया है, अच्छे परिणाम के लिये मेहनत ज्यादा करनी होगी राशि से आठवें भाव में शनि रास्तों में बाधा डालेगा लेकिन सदमार्ग पर रहना ही सटीक उपाय होगा। अपने क्रोध पर नियंत्रण रखें। साल के शुरूआत में Office में किसी से न उलझे वरना नुकसान होगा। कारोबार में किसी पर विश्वास न करें धार्मिक यात्रा पर जायेंगे । October2018 के बाद आर्थिक स्थिती मे सुधार होगा। कार्यों को लेकर यात्रायें लाभ देगी। विधार्थीयो को सफलता सूझ-बूझ से ही मिलेगी अपने पिता से सामंजस्य बनाना काफी लाभदायक साबित होगा। पैरों से संबंधित रोग परेशान कर सकते है। सिर दर्द/ठण्ड की परेशानी रह सकती है।

उपाय: मंगलवार/शनिवार हनुमान जी को सिंदूर चढायें।शनिवार को भैरव मंदिर अवश्य जायें। जरूरतमंदों की मदद करें।

शुभ रंग: लाल,भाग्य प्रतिशत: 55


मिथुन राशि,संबोधन

मिथुन राशि: मिथुन राशि वालो का वर्ष 2018 शानदार रहेगा। व्यापारिक दृष्टि से काफी सकारात्मक परिणाम साल के मध्य तक मिलेंगे। दाम्पत्य जीवन में कुछ मनमुटाव देखने को मिलेगा। किसी से भी अपशब्दों का इस्तेमाल आपको परेशानी में डाल सकता है। आय के नए-नए स्त्रोत खुलेंगे। प्रेम संबंधी मामलों में यह साल शुभ रहेगा। दूषित खान-पान से (Street Food) बचें। परिवार के अकारण कलह भी (द्वितीय भाव) राहु अवश्य करायेगा। वांणी पर संयम हर तरीके से शुभता लायेगा। अकारण खर्चा भी बढ सकता है घबरायें नही।विद्यार्थी अपना कार्य समय पर करने की आदत डालें अन्यथा परिणाम शुभ नही होंगे। अपनी दवा साथ में रखें। अनिन्द्रा/तनाव बढ़ा सकता है। Doctor की सलाह लें।उपाय: विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ नित्य करें। किन्नरों का आशीर्वाद लें। पक्षियों को बाजरा डालें।शुभ रंग: नीला काला,भाग्य प्रतिशत: 60

कर्क राशि,संबोधन

 कर्क राशि: कर्क राशि वालो का 2018 मिश्रित परिणाम लेकर आया है। आपकी राशि पर राहु का प्रभाव विचारों मे भिन्नता लायेगा। अपनों से बात करते समय सावधानी रखें। स्वभाव में अचानक परिवर्तन भी कई बार परेशानी में डाल सकता है। माता-पिता की सेहत पर ध्यान जरूर दें। पेट की समस्या को नजरअंदाज न करें। व्यापार  में सोच-समझकर ही निवेश करना लाभप्रद रहेगा। समय रहते कानून की मदद लें। खान-पान का विशेश ध्यान रखें। पार्टनरशिप सोच कर ही करें अन्यथा धोखा होगा। विद्यार्थी अपना ध्यान शिक्षा पर केन्द्रित करें। अपने मित्रों के साथ भी समय बितायें। प्रेम संबंधो मे कुछ खटास आ सकती है। पुरानी बिमारी जोड़ो का दर्द परेशान करेगा। किड़नी की समस्या/शुगर पर कन्ट्रोल रखें।

उपाय: भगवान शिव का जाप करें, गर्म वस्त्रों का दान करें। काला तिल उड़द/कोयला का दान धार्मिक स्थल पर करें।शुभ रंग: सफेद,भाग्य प्रतिशत: 58

सिंह राशि,संबोधन

सिंह राशि : सिंह राशि वालों के लिए साल 2018 कई सुनहरे मौके लेकर आएगा। इस साल धार्मिक कार्यो में आपका समय बीतेगा। परिवार मे छोटे-भाई बहनों की सेहत से संबंधित समस्या खत्म होगी। दाम्पत्य जीवन में जीवन साथी से अचानक वाद-विवाद परेशानी में डाल सकता है। विचारों और वांणी मे सादगी अवश्य रखें, वरना पछताना पड़ सकता है। प्रात: जल्दी उठने की आदत डालना आपको हर कार्य में सफलता दिलायेगा। पार्टनशिप से आपको फायदा भी मिलेगा लेकिन साल के मध्य के बाद। विद्यार्थियों को भरपूर सफलता मिलेगी। माता-पिता का निरादर आपको बड़ी परेशानी में अवश्य डाल देगा। प्रेम संबंधों में सफलता मिलेगी। गर्भवती महिलाओं को सतर्कता बरतनी होगी। समय पर डाक्टर की सलाह लें। गले से और नसों से संबंधित परेशानी बढ़ सकती है।
उपाय: उगते सूर्य को अर्घ्य दें, नेत्रहीन लोगों को मीठा भोजन बांटे, दवा का वितरण करें।शुभ रंग: मेहरून,भाग्य प्रतिशत: 65
कन्या राशि,संबोधन

कन्या राशि: कन्या राशि वालों के लिए साल 2018 विचारों में सकारात्मक प्रभाव लेकर आएगा। चतुर्थ भाव का शनि आपको परेशानी में डालकर एक अलग निखार देगा। कड़ी मेहनत के बाद सफलता मिलेगी। पैसों का लेन-देन सावधानी पूर्वक करें। परिवार में माहौल शांति पूर्ण रहेगा। विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत की आवश्यकता होगी। नौकरीपेशा लोगों की नौकरी में बदलाव से लाभ मिलेगा। करियर में यह वर्ष ठीक-ठाक परिणाम देगा।मित्रों से संबंध पहले से बेहतर होगें। व्यापार में निवेश अनुभवी लोगों की सलाह से करें। विद्यार्थियों को कुछ समस्या बनी रह सकती है। सूझ-बूझ से किया कार्य हर परेशानी को खत्म करेगा। Digestive plub आपको समस्या में डाल सकती है। चोट लगने का भय रहेगा,इसीलिये लापरवाही न करें। उपाय: मां दुर्गा के कवच का पाठ करें, कम्बल का दान अवश्य करें।
शुभ रंग: हरा,भाग्य प्रतिशत: 71
तुला राशि,संबोधन

तुला राशि: तुला राशि वालो के लिए वर्ष 2018 काफी महत्वपूर्ण रहेगा। साल के शुरूआत में काफी जोश/उर्जा से आप भरे रहेंगे। लेकिन आपकी जल्दबाजी/क्रोध आपके सारे कार्यों पर पानी फेर सकती है। करियर के लिहाज से नौकरी/व्यापार में हर तरीके से लाभदायक रहने वाला है। सेहत का ध्यान रखाना भी जरूरी होगा। साल के मध्य के बाद विदेश यात्रा काफी लाभ देगी। जमीन-जायदाद को लेकर निवेश बहुत सावधानी पूर्वक करना होगा। धन की स्थिती अप्रैल 2018 से पहले से बेहतर हो जाएगी। विद्यार्थी पढ़ने के लिये विदेश जा सकते है। उनका यह स्वप्न अवश्य पूरा होगा। जीवन साथी से कुछ मनमुटाव आपके कार्यों में विघ्न डाल सकता है। प्रेम संबंधी मामलों में सतर्क रहना होगा। खान-पान की आदतों पर अवश्य ध्यान दें। पीठ दर्द/जोड़ो का दर्द परेशान कर सकता है।ध्यान रखें।
उपाय: मां लक्ष्मी को पंचमेवा का भोग लगायें। सुहागन स्त्रीयों को वस्त्रादि दान दें।
शुभ रंग: गुलाबी,भाग्य प्रतिशत: 80
वृश्चिक राशि,संबोधन

वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशि वालों के लिए साल 2018 उतार-चढाव भरा रहेगा। वित्तीय मामलो में सावधानी अवश्य बरतनी होगी।सुअवसर आपके सामने होंगे, लेकिन जल्दबाजी कार्यों को बिगाड़ सकती है। पैसा कमाने के उद्धेश्य से समय शुभ है। लेकिन व्यर्थ में पैसा न खर्चें। विद्यार्थी अपनी मेहनत से अपने लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त कर पाएंगें। समय का सदुपयोग उन्हें सफल बनायेगा। व्यापारिक लेन-देन सोच समझकर ही करना होगा। प्रेम संबंधो को लेकर वृश्चिक राशि के लोग थोड़ा चिंतित रह सकते है। आंखो से संबंधित रोगी तथा ह्रदय रोगी इस साल लापरवाही न बरतें। साल के मध्य के बाद आर्थिक स्थिती पहले से बेहतर हो जायेगी। निवेश सोच समझकर ही करें।
उपाय: सुंदरकाण्ड का पाठ मंगलवार को करें। शहद से शिवलिंग का अभिषेक करें।
शुभ रंग: सफेद,भाग्य प्रतिशत: 69
धनु राशि,संबोधन

धनु राशि: धनु राशि वालों को साल 2018 मन मुताबिक परिणाम देगा। व्यापारिक मामलों में नये मुकाम हासिल करेंगे आप।आपकी राशि पर शनि का गोचर अधिक कर्म/मेहनत करने की प्रेरणा के साथ-साथ लाभ भी दुगना देगा। लेकिन आप गलत कार्यों पर पैसा न खर्चे। छोटे भाई-बहनों से वाद-विवाद हो सकता है। परिवार में खुशी का माहौल बनाये रखें।जल्द ही कर्ज की स्थिती से बाहर निकल आएंगें। विद्यार्थी मेहनत खूब करेंगें, लेकिन परिणाम में कुछ कमी आयेगी। नई नौकरी वाले लोगों के लिये समय शुभ रहेगा। माता पिता का भरपूर सहयोग मिलेगा। नौकरी में प्रमोशन मार्च के बाद दिखेगा।बच्चों से संबंध पहले से बेहतर होंगें। परिवार में किसी व्यक्ति की बिमारी पर पैसा खर्च हो सकता है। बाहर के खाने से बचें, व्यायाम, योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करेंउपाय: सतनाज का दान करें। पीपल के पेड़ के नीचे दीया जलायें।शुभ रंग: पीला,भाग्य प्रतिशत: 59

मकर राशि,संबोधन
 मकर राशि: मकर राशि वालों के लिए साल 2018 शुभ परिणाम देगा। लेकिन इस वर्ष मेहनत अधिक करनी होगी। लाभ मेहनत पर ही निर्भर रहेगा।संभव है मार्ग में कई बाधायें आपका रास्ता रोकेंगी। लेकिन आप बाहर निकल आयेंगे। अपने खर्च पर रोक लगाएं वरना कर्ज की स्थिती बन सकती है। व्यापार में सोच-समझकर निवेश करें।अपनी सेंहत का ध्यान रखना भी जरूरी होगा। वरना गैस/अपच की परेशानी बढ़ सकती है।परिवार का भरपूर सहयोग आपकी सभी  परेशानी दूर कर देगा।इस वर्ष विद्यार्थीयों को अपना लक्ष्य प्राप्त करने में कठिनाई नही होगी। परिवार में माहौल सुखद बना रहेगा। लेकिन पत्नी की सेहत का ध्यान रखें। मित्रता में सतर्कता भी रखें। पैर दर्द/गैस की समस्या परेशानी का सबब बन सकती है।उपाय:णेश वन्दना रोज करें। भैरव मन्दिर में दूध अर्पण करें।शुभ रंग: नीला,भाग्य प्रतिशत: 63

कुंभ राशि,संबोधन

कुंभ राशि: कुंभ राशि वालों का 2018 बेहतरीन ही नहीं शानदार भी रहने वाला है।साल 2018 आपके जीवन में सुनहरे अवसर के साथ-साथ लाभप्रद परिणाम भी लेकर आएगा। आय के नऐ-नऐ स्त्रोत मिलेंगे। मतलब मेहनत कम लाभ ज्यादा ।परिवार में स्थिती पहले से बेहतर होगी। व्यापारिक स्थल पर हर तरफ से सहयोगियों का साथ मिलेगा, साल के शुरू में कार्यों में सावधानी रखें वरना नुकसान हो सकता है। अपनी वांणी पर संयम आपको शुभता दिलायेगा। विद्यार्थीयों के लिये समय शुभ रहेगा। अपने माता-पिता/गुरूजनों/बड़ो का भूलकर भी तिरस्कार न करें। अपनी नींद को पूरा करें वरना पेट/गैस से संबंधित परेशानी बढ़ सकती है। वाहन चलाते समय सतर्क रहें,ऐसे पुरानी बीमारी से लोगों को राहत मिलेगी।उपाय: पीपल के पेड़ की सेवा करें, गणेश जी को दूर्वा चढ़ायें। बड़ो का सम्मान करें।शुभ रंग: काला, भाग्य प्रतिशत: 69
मीन राशि,संबोधन

मीन राशि:  मीन राशि वालों का 2018 बिल्कुल औसत भरा रहेगा। अपने कार्यों को सुनियोजित तरीके से करने पर शुभ परिणाम अवश्य मिलेगा। ग्रहों में परिवर्तन के कारण कार्य स्थल पर थोड़ा बदलाव करना पड़ सकता है। आफिस में होने वाली राजनीति से अपने आपको दूर रखें। अपनी माता की सेहत पर ध्यान दें, तथा परिवार में भी समय अवश्य बितायें जिससे माहौल पहले से बेहतर हो। विद्यार्थीयों की शिक्षा का क्रम ठीक चलेगा, बस कार्यों को समय पर करें। अक्टूबर 2018 के बाद आपको कुछ राहत मिलेगी। पैसों का लेन देन ध्यान पूर्वक ही करें, वरना नुकसान होगा। दूसरो की मदद के लिये हमेशा तैयार रहें तो शुभ परिणाम भी दिखेगा। रिश्तों मे पारदर्शिता अवश्य रखें। अपने वजन को न बढ़ने दें। बाहरी खान-पान से बचें।
     उपाय: गुरूवार का व्रत उपवास रखें, पीले चंदन केसर का तिलक करें।
                  शुभ रंग: पीला,भाग्य प्रतिशत: 59
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